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ज्ञानशाला संगम - संस्कार, संस्कृति और सफलता की ABCD
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा बारडोली एवं ज्ञानशाला परिवार द्वारा ज्ञानशाला दिवस एवं वार्षिकोत्सव का आयोजन हुआ। तेरापंथ सभा के मंत्री प्रकाश हिंगड़ ने स्वागत वक्तव्य किया। कार्यक्रम में ज्ञानशाला राष्ट्रीय संयोजक सोहनराज चोपड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्घाटन सुरेश चन्द्र मेहता ने किया, ज्ञानशाला प्रकोष्ठ समिति सदस्य प्रवीण मेडतवाल ने ज्ञानशाला के उद्देश्य एवं बच्चों के जीवन में इसके सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया। आपने सभी प्रस्तुतियों की सराहना की और कहा कि यह बच्चों को धर्म एवं संस्कारों से जोड़ने का एक सुंदर प्रयास है। गुजरात आंचलिक संयोजिका मनिता चोपड़ा,आंचलिक सह संयोजिका ज्योति मेड़तवाल ने अभिव्यक्ति प्रदान की। तेरापंथ टाइम्स के संपादक जयेश मेहता ने 'ज्ञानशाला संस्कारों के जागरण की शाला' विषय पर वक्तव्य दिया और कहा कि आज के युग में बच्चों में संस्कार भरना बहुत जरूरी है जो हमें ज्ञानशाला के माध्यम से मिल सकते हैं। विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुई जिसमें ABCD चढ़ो सफलता की सीढ़ी, हम हैं जैन धर्म के बच्चे, संस्कारों की पाठशाला ज्ञानशाला, धन्य धन्य व दिन, युवाचार्य श्री महावीर मुनि के जीवनचरित्र पर नाटिका, योगनृत्य, देशभक्ति गीत, तीर्थंकरों के चिह्न, अभिभावकों की प्रस्तुति, प्रशिक्षिकाओं द्वारा आत्मा की पुकार आदि विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुई। आभार ज्ञापन प्रशिक्षिका श्रेया बडोला ने किया। कार्यक्रम का संचालन मुख्य प्रशिक्षिका धर्मिष्ठा मेहता व सह प्रशिक्षिका चेतना दक ने किया।