संस्कार ही जीवन की मजबूत नींव

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संस्कार ही जीवन की मजबूत नींव

श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा द्वारा संचालित ज्ञानशाला में ज्ञानशाला दिवस का आयोजन उत्साह एवं आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। ज्ञानशाला प्रभारी महावीर नाहटा ने अभिभावकों का आह्वान करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से ज्ञानशाला भेजने तथा उनके संस्कार निर्माण के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया। सभा अध्यक्ष शुभकरण चौरड़िया, कवि इंद्रचंद बैद एवं सुनील बैद ने बच्चों को व्यसनमुक्त जीवन जीने, प्रतिदिन नवकार मंत्र की माला का जप करने तथा झूठ एवं चोरी जैसे दुर्गुणों से दूर रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था में प्राप्त संस्कार ही जीवन की मजबूत नींव बनते हैं। प्रशिक्षिका राजकुमारी मरोठी ने कहा कि ज्ञानशाला के माध्यम से बच्चों में नैतिक मूल्यों की स्थापना एवं संस्कारों का विकास होता है। प्रशिक्षिका रेखा सेठिया एवं सोनू बोथरा ने बच्चों को ज्ञानाराधना एवं धार्मिक संस्कारों का प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम लगभग दो घंटे चला। ज्ञानशाला दिवस का आयोजन बच्चों में धर्म, संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के विकास की दिशा में एक सार्थक पहल रही।