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तपस्या मोतियों का हार है, जीवन का भव्य श्रृंगार
साध्वी संयमलता जी के सान्निध्य में तपस्वी बहन हेमा के 31 दिवसीय मासखमण तप की अनुमोदना हेतु भावपूर्ण तेजोमय तपोभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। साध्वी मार्दव श्री जी ने संचालन करते हुए कहा तप जीवन को मंगलमय बनाने वाला मंगल कलश है। साध्वी संयमलता जी ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा, जीवन को ज्योतिर्मय बनाने वाला ज्योति कलश है। मासखमण की तपस्या मोतियों का हार है, जीवन का भव्य श्रृंगार है। आत्मशोधन की एक विलक्षण प्रक्रिया है, भवपार कराने वाली विशेष नोखा है।तप करने वाली A से active B से brave और E से evergreen बन जाती है।