हेलीकॉप्टर पेरेंटिंग न करें, बच्चों को क्वालिटी टाइम दें

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बालोतरा।

हेलीकॉप्टर पेरेंटिंग न करें, बच्चों को क्वालिटी टाइम दें

ज्ञानशाला दिवस' के दिन POWER of Parenting विषय पर कार्यशाला में उपस्थित विशाल परिषद को सम्बोधित करते हुए प्रोफेसर डॉ साध्वी मंगलप्रज्ञा जी ने कहा- ज्ञानशाला तेरापंथ धर्म संघ की एक विशिष्ट इकाई है। किशोर कन्या, युवक, सभा आदि के सदस्यों की निर्माण शाखा है। पदाधिकारीगण, प्रशिक्षगण इस भावी बाल पीढ़ी के लिए अपने श्रम और समय का नियोजन करते हैं, प्रशिक्षिक परिवार की निःशुल्क सेवा अनुमोदनीय है। बच्चों को जिंदगी को सजाने और संवारने का दायित्व अभिभावक माता-पिता पर निर्भर है। मदालसा, जीजाबाई जैसी माताओं के बच्चे इतिहास पुरुष बन गए । जरुरत हे आज हर अभिभावक अपनी संतानों को संस्कारित करने हेतु जागरुक बनें। पश्चिमि संस्कृति की हवा से बच्चों को बचाएं। ज्ञानशाला एक महत्त्वपूर्ण उपक्रम है, जहां बच्चों के जीवन विकास के लिए खुला अवकाश हे। आज अभीभावकों की अजागरूकता और समयाभाव के कारण संस्कारों की होली जल रही। बोया हुआ अच्छा या खराब बीज असर करता है। साध्वीश्री ने कहा- माता पिता हेलीकॉप्टर पेरेन्टिंग न करें। अपने बच्चों को आत्मविश्वास एवं समझदार बनाइए। उनको क्वालिटिव टाईम दीजिए। टी.वी. के गलत विज्ञापन भी बच्चों को बिगाड़‌ते हैं। इस अवसर पर ज्ञानशाला प्रशिक्षकायों ने 'ज्ञानशाला हमारी' गीत का सुन्दर संगान किया। हनुमान लुंकड ने जैन विद्या अध्ययन की प्रेरणा दी। तेरापंथ सभा मंत्री एवं ज्ञानशाला के पूर्व संयोजक मोहनलाल बाफना, ज्ञानशाला संयोजक पवन बालड़ मुख्य प्रशिक्षक पिंकी सालेचा ने अपने अपने विचारों को व्यक्त की। तेरापंथी महासभा द्वारा 2026 का श्रेष्ठ ज्ञानार्थी मोक्ष बालड एवं पूर्व ज्ञानार्थी प्रियांशी सालेचा ने ज्ञान‌शाला को अपने जीवन का अति सुन्दर वरदान बताते हुए ज्ञानशाला परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। साध्वी मंगलप्रज्ञा जी के संसार पक्षीय भाई सुरेन्द्र सेठिया ने आयोजन की सराहना की साथ ही अपने भाग्य की सराहना करते हुए कहा साध्वी मंगलप्रज्ञा जी को लाडनूं में गुरुदेव ने हाज़री प्रवचन के अवसर पर जो कृपा प्रसाद मिला उससे हमारा पूरा परिवार अभिभूत है, हम सभी गुरु इंगित की आराधना कर जीवन सार्थक करें। कार्यक्रम का संचालन मुख्य प्रशिक्षिका पिंकी सालेचा एवं नीतू कांकरिया ने कुशलता से किया।