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सब कुछ होते हुए भी इंसान खुश क्यों नहीं?
आचार्यश्री महाश्रमणजी के मंगल आशीर्वाद एवं तेरापंथ धर्मसंघ की प्रेरणा से मदुरै तेरापंथ भवन में ज्ञानशाला दिवस का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन श्रद्धा, उत्साह एवं उल्लास के साथ किया गया। ज्ञानशाला संयोजिका सुनीता कोठारी ने सभी का स्वागत किया। ज्ञानशाला प्रभारी उपासक धनराज लोढ़ा ने कहा कि ज्ञानशाला में बच्चों को केवल धार्मिक एवं बुनियादी शिक्षा ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्य, अनुशासन, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का भी ज्ञान प्रदान किया जाता है। वहीं बालकों ने श्रेणिक महाराज पर आधारित लघु प्रेरणादायी नाटिका प्रस्तुत की। नाटिका के माध्यम से बताया गया कि संतोष ही सच्चा धन है, जो जैन धर्म की महत्वपूर्ण सीख है। नाटिका में यह भी दर्शाया गया कि किस प्रकार एक साधारण कुम्हार ने राजा श्रेणिक के अभिमान को दूर किया। बड़े बच्चों ने 'सब कुछ होते हुए भी इंसान खुश क्यों नहीं है?' विषय पर प्रभावशाली प्रस्तुति देकर उपस्थितजनों को आत्मचिंतन एवं जीवन के वास्तविक सुख पर विचार करने का संदेश दिया। इस अवसर पर सभा अध्यक्ष गौतमचंद गोलछा, तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष संदीप बोकड़िया, महिला मंडल अध्यक्ष दीपिका फूलफगर, उपासक श्री नैनमल कोठारी ने अपने भाव व्यक्त किए कुशल संचालन ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा किया गया। अंत में मधु पारख ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी ज्ञानशाला संयोजिका सुनीता कोठारी ने दी।