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ज्ञानशाला की उन्नति ही देश की उन्नति है
साध्वी त्रिशलाकुमारी जी के सान्निध्य में ज्ञानशाला दिवस का आयोजन किया गया। ज्ञानार्थियों द्वारा ज्ञानशाला गीत द्वारा मंगल शुरूआत हुई। गया। साध्वी त्रिशला कुमारी जी ने बताया कि इन्हीं मे से कई बच्चे साधु साध्वी बनेंगे। राजनीति में जाएंगे इस फैक्ट्री में अच्छे बच्चों का निर्माण होता है। आप अपने बच्चों को कार दे या न दे लेकिन अच्छे संस्कार जरूर दे। साध्वी कल्पयशा ने कहा कि हमारे बच्चे कोरे कागज के समान है आप बच्चों को जैसा चाहो वैसा बना सकते हों। यहाँ सम्यक ज्ञान मिलता है। पुस्तकीय ज्ञान से जीविका मिल सकती है लेकिन जीवन नहीं मिल सकती है लेकिन जीवन नहीं मिल सकता। माता पिता जागरूक बने ज्ञानशाला अवश्य भेजें। महिला मण्डल अध्यक्ष प्रेम बोथरा ने बताया कि मिट्टी में ऐसे बीजों का बीजारोपण करें कि वह वट वृक्ष बनकर फूलों व फलों से महके। हमारे समाज का प्रत्येक बच्चा ज्ञानशाला से अवश्य जुड़े। ते.यु.प. के अध्यक्ष देवेन्द्र डागा ने कहा कि उत्कृष्ट ज्ञानशाला कैसे बने ? उस और समाज के व्यक्ति प्रशि़िक्षका सभी ध्यान दें तब समाज को नई दशा और दिशा मिलेगी। ज्ञानशाला प्रभारी चैतन्य रांका ने वार्षिक रिर्पोट प्रस्तुत की। सभा मंत्री जतन संचेती ने कहा कि हमारा लक्ष्य है 500 बच्चों की गंगाशहर की ज्ञानशाला हो कम से कम 50 प्रक्षिशिका व ते.यु.प ते.म.मं. के कार्यकर्ता जुड़े। धर्मसंघ के विकास की जड़ है ज्ञानशाला के बच्चे। ज्ञानशाला दिवस का सफल संचालन सुनीता पुगलिया ने किया ज्ञानशाला की उन्नति देश की उन्नति है। आभार ज्ञापन श्रीया गुलगुलिया ने किया।