भविष्य के श्रावक गढ़ रही है ज्ञानशाला

संस्थाएं

जसोल।

भविष्य के श्रावक गढ़ रही है ज्ञानशाला

ज्ञानशाला प्रकोष्ठ महासभा द्वारा निर्देशित ज्ञानशाला दिवस का भव्य आयोजन स्थानीय पुराणा ओसवाल भवन में साध्वी कुन्दनप्रभा जी आदि ठाणा सानिध्य में किया गया। छोटे- छोटे बच्चो ने A.B.C.D की सुन्दर प्रस्तुति दी। देवलोक की अदालत पर परिसंवाद किया गया। साथ ही नन्हे- मुन्हे बच्चो द्वारा नमस्कार महामंत्र पर नृत्य की प्रस्तुति पर सभी का मन मोह लिया। चमेली मार्केट, योग- प्राणायाम एवं वृद्धआश्रम पर सुन्दर प्रस्तुति दी गयी। साध्वी विधुतप्रभा जी ने कहानी के माध्यम से बच्चो को प्रेरित किया ज्ञानार्थियों को नये- नये आयामो की जानकारी दी। जसोल ज्ञानशाला प्रभारी डुंगरचन्द सालेचा, सम्पतराज चोपडा, पुष्पा देवी बुरड ने अपने विचार प्रस्तुत किये। ज्ञानशाला की मुख्य प्रशिक्षका अभयमति डोसी ने भी अपने भावों की अभिव्यक्ती दी। ज्ञानशाला मे श्रेष्ठ ज्ञानार्थी के रूप में शान्या सालेचा को सम्मानित किया गया। ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं को तेरापंथ सभा की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन जयश्री सालेचा व श्यामल गोलेच्छा ने किया।