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संस्कार वह दीप है जो जीवन की राह को रोशन करता है
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ महासभा द्वारा आयोजित ज्ञानशाला दिवस तेरापंथ भवन पर्वत पाटीया में शासनश्री साध्वी मधुबाला जी आदि ठाणा-5 के सानिध्य में व तेरापंथी सभा पर्वत पाटीया के निर्देशन में ज्ञानशाला दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्वागत वक्तव्य सभा अध्यक्ष संजय बोहरा द्वारा किया गया। साध्वी मेधावी प्रभा जी ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए एक रोचक घटना बताई और साध्वी मंजुलयशा जी ने अपने उद्बोधन में बताया कि संस्कार वह दीप है जो जीवन की राह को रोशन करता है। बच्चों को संस्कारित करना आज की पीढी में बहुत जरूरी हो गया है| सभी अभिभावकों को बच्चों को ज्ञानशाला में भेजने के लिए प्रेरित किया।ज्ञानार्थियो द्वारा प्रस्तुति के क्रम में सर्वप्रथम बच्चों द्वारा संस्कारों की रेल चली कार्यक्रम की सुंदर प्रस्तुति हुई। मुख्य प्रशिक्षिका खुशबू पींचा द्वारा ज्ञानशाला की गति प्रगति से अवगत कराते हुए ज्ञानशाला प्रारम्भ से लेकर वर्तमान में ज्ञानशाला प्रकोष्ठ महासभा द्वारा जो तीन मुख्य आयाम चलाये गए है ज्ञानोत्कर्ष, ज्ञानोदय और ज्ञान प्रकर्ष को समझाते हुए सभी गतिविधियों से अवगत कराया। ज्ञानशाला राष्ट्रीय संयोजक सोहन राज चोपड़ा ज्ञानशाला प्रकोष्ठ समिति के सदस्य प्रवीण जी मेड़तवाल आदि की गरिमामय उपस्थिति रही कार्यक्रम का कुशल संचालन सह प्रशिक्षिका सीमा बाबेल एवं रचना नौलखा द्वारा किया गया