छगनी मां के दुलारे नंदन वन के सितारे

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साध्वी भावितयशा

छगनी मां के दुलारे नंदन वन के सितारे

ज्योतिचरण के चरणों में नतमस्तक यह संसार हे
नित नव उन्मेष, अवदान विशेष
जय महाश्रमण महाश्रमण
युवाचार्य मनोनयन का भव्य नजारा
छगनी मां के दुलारे, नंदन वन के सितारे
गण उजियारे ...... उजियारे
मन मोहक स्मित मुस्कानों का प्रतिपल झरना है, बहता
निरहंकारी निस्पृहता और मधुरी वाणी विनम्रता
प्रभुवर के नयमों और प्रवचन दिल से बसे महावीरा
विभुववर के सक्षम आलंबन
अनुपम उज्ज्वल है व्यक्तित्व तेरा
करें अभिवंदना, अभिवंदना
ज्ञान के सागर में गोते खाकर श्रुत आराधक कहलाये
श्रद्वा के आकाश में उड़कर गुरु दिलवासी बन पाये
चारित्र के उतुंग शिखर चढ़ युवराजा पद पाये
महातपसी की सान्निधि तप सहचर
तुझमें सम शम श्रम क्षीर नीर ज्यों समाया
करें वर्धापन .... वर्धापन।।
लय – कौन दिशा में...