रचनाएं
गण गौरव गाएं हो फूल न समाएं
युवराजा: को आज बघाने
जन-जन मन हरसाए रे
गण गौरव गाएं हो, फूल न समाएं
आ.... हम तुम्हें बधाए।।
मां छगनी के लाल लाडले
सवाई कुल उजियार
महाश्रमण के सक्षम पट्टघर, श्रेष्ठ बने अणगार।
तुम्हें हम आज बधाएं
महामनस्वी महायशस्वी तुम हो पुण्य निधान
प्रगति शिखर पर बढ़ो चढ़ो तुम
पा गुरू का वरदान
तुम्हें हम आज बधाए
छक्कम छक्का राज्य करो तुम, तेरापंथ युवराज
महाश्रमण ने पहनाया तुमको, शासन का ताज
तुम्हें हम आज बधाए
दीर्घायू बन करें शासना, जोड़ी ये अभिराम
कुशल युगल नेतृत्व आपका हमें मिले अविराम
तुम्हें हम आज बधाएं
हो...गण गौरव गाएं, आ.... फूले न समाएं
तर्ज – इक झोली में