आयम्बिल से शारीरिक-मानसिक व्याधियां होती हैं शांत

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बीकानेर।

आयम्बिल से शारीरिक-मानसिक व्याधियां होती हैं शांत

युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी की सुशिष्या शासन श्री साध्वी मंजू प्रभा जी के सानिध्य में बीकानेर तुलसी साधना केंद्र में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार मे सामूहिक आयम्बिल का आयोजन तेरापंथ महिला मंडल बीकानेर द्वारा किया गया। साध्वी श्री जी ने अपने उद्बोधन में कहा जैन धर्म में तपस्या को महत्व दिया गया है विभिन्न प्रकार के तप में एक तप है आयम्बिल तप आयम्बिल से कर्म निर्जरा के साथ-साथ विघ्न बाधा निवारण, उपद्रवों की शांति,आध्यात्मिक शक्तियों का जागरण, शारीरिक मानसिक भावनात्मक व्याधियों का उपश्मन भी होता है और लगातार आयम्बिल तपस्या के कारण द्वारिका नगरी की 12 वर्षों तक सुरक्षा होती रही। श्रीपाल राजा का भयंकर कुष्ठ रोग भी इस तप के प्रभाव से ठीक हो गया राजा श्रेणिक व श्री कृष्ण की रानियां ने लंबे समय तक यह आयम्बिल तप किया था। महिला मंडल की लगभग 35 बहनों ने व एक भाईओ ने आयंबिल किये।