बाल्यावस्था के संस्कार जीवनभर साथ चलते हैं

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गांधीनगर, बैंगलोर।

बाल्यावस्था के संस्कार जीवनभर साथ चलते हैं

ज्ञानशाला प्रकोष्ठ द्वारा निर्दिष्ट ज्ञानशाला दिवस का आयोजन साध्वी पावन प्रभाजी ठाणा 4 के सानिध्य में गांधीनगर स्थित तेरापंथ सभा के तत्वावधान में आयोजित किया गया । साध्वीश्रीजी ने कहा ज्ञानशाला संस्कारों की जननी एवं बच्चों में संस्कारों को पुष्ट करने का एक सशक्त माध्यम है। साध्वी आत्मयशाजी, साध्वी उन्नतयशाजी, साध्वी रम्यप्रभाजी का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। भिक्षु स्वामी संबंधित विविध घटनाओं को नाटक के द्वारा प्रस्तुत किया गया । साध्वीश्रीजी ने कहा इस प्रकार की प्रस्तुति से बच्चों का ज्ञान भी बढ़ता है बच्चों का विकास होता है एवं उनको इतिहास संबंधित जानकारी भी प्राप्त होती है । तेरापंथ सभा के अध्यक्ष प्रकाश बाबेल ने पधारे हुए सभी महानुभावों का स्वागत किया, महासभा उपाध्यक्ष प्रकाश लोढा आंचलिक ज्ञानशाला संयोजक विनोद कोठारी एवं सुरेश बरडिया ने ज्ञानशाला के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए। तेरापंथ महिला मंडल द्वारा बच्चों के लिए राखी बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ। अणुव्रत समिति अध्यक्ष ललित बाबेल, युवक परिषद अध्यक्ष विनोद कोठारी महिला मंडल अध्यक्षा लक्ष्मीबोहरा, ज्ञानशाला जोन संयोजिका कोमल पोखरणा, टीना मांडोत,पदमा चोपड़ा, राखी खट्टेड, आदि के साथ लगभग 28 ज्ञानशालाओं से 300 ज्ञानार्थी एवं 60 प्रशिक्षिकाए इस कार्यक्रम में उपस्थित थें। सभा मंत्री सुभाष पोखरणा ने आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय संयोजीका नीता गादिया ने किया।