त्याग, संयम और क्रांति का नाम है आचार्य भिक्षु

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त्याग, संयम और क्रांति का नाम है आचार्य भिक्षु

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद उधना द्वारा सहयोगी शाखाओं—ते.यु.प. पांडेसरा, ते.यु.प. भेस्तान एवं ते.यु.प. लिम्बायत के संयुक्त तत्वावधान में ‘भिक्षु दर्शन’ प्रशिक्षण कार्यशाला का अत्यंत प्रेरणादायी एवं सफल आयोजन तेरापंथ भवन, उधना में संपन्न हुआ। यह कार्यशाला युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या डॉ. साध्वी परमयशा जी आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में आयोजित की गई। इस अवसर पर साध्वी श्री डॉ परमयशाजी ने अपने सारगर्भित पाथेय में तेरापंथ धर्मसंघ के आद्य प्रवर्तक स्वामी भीखनजी (भिक्षु स्वामी) के जीवन-दर्शन, अप्रतिम त्याग, कठोर संयम एवं अद्वितीय धर्मक्रांति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित श्रावक समाज एवं युवाओं को भिक्षु स्वामी के उच्च आध्यात्मिक सिद्धांतों एवं मर्यादाओं को अपने व्यावहारिक जीवन में अंगीकार करने की प्रेरणा प्रदान की। साध्वीश्री परमयशा जी के साथ-साथ साध्वी कुमुदप्रभा जी एवं साध्वी विनम्रयशा जी ने भी अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी विचारों के माध्यम से भिक्षु दर्शन के गूढ़ तत्वों को सरल एवं जीवनोपयोगी शैली में प्रस्तुत किया। मंत्री कमलेश डांगी द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।