संस्थाएं
जयाचार्य का जीवन त्याग, तपस्या अनुपम उदाहरण
रामनिवास बाग स्थित ’साधना का प्रज्ञापीठ’ पर मुनि सुधाकरजी के सान्निध्य में श्रीमद् जयाचार्य जी का 146वां निर्वाण दिवस समारोह श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ तेयुप सदस्यों द्वारा विजयगीत के संगान के साथ हुआ। तत्पश्चात महिला मंडल ने सुमधुर गीतिका की प्रस्तुति देकर जयाचार्य जी के आदर्शों को जीवन में धारण करने का प्रेरक संदेश दिया। समाज की विभिन्न सभा-संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ-साथ परिषद् की ओर से सभी अतिथियों व प्रायोजक परिवारों का सम्मान किया गया। तेयुप जयपुर अध्यक्ष प्रवीन जैन ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि जयाचार्य जी का जीवन त्याग, तपस्या और साधना का अनुपम उदाहरण है। ’साधना का प्रज्ञापीठ’ आज जन-जन की आस्था का केंद्र बन चुका है और समाज सेवा में जैन समाज का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। मुनि सुधाकर जी ने अपने आशीर्वाद में कहा कि श्रीमद् जयाचार्य जी का जीवन हमें कर्तव्य, अनुशासन और मर्यादा के प्रति सजग करता है, जो जीवन जीने के सच्चे प्राण तत्व हैं। इस अवसर पर जैन साहित्य की स्टॉल पर 50 प्रतिशत की विशेष छूट दी गई तथा आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेन्टर की ओर से आमजन के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। समारोह की सफल संयोजना संयोजक श्रेयांश बैंगानी, करण नाहटा सहित तेयुप व किशोर मंडल के सदस्यों द्वारा की गई। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन श्रेयांस कोठारी एवं श्रेयांश बैंगानी ने किया, मंत्री जयंत भूरा ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया।