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स्वाध्याय से जागृत होता है आत्म विवेक
टी दासरहल्ली। पर्युषण पर्व आराधना के द्वितीय दिवस स्वाध्याय दिवस के पावन अवसर पर उपासिका रेखा कोठारी, उपासिका दिपिका बाफना, उपासिका कविता बाफना ने अपने अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम प्रारंभ सर्वप्रथम तेरापंथ युवक परिषद् द्वारा मंगलाचरण से हुआ, तत्पश्चात उपासिका रेखा कोठारी ने चौबीसवें तीर्थंकर श्रमण भगवान महावीर स्वामी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कैसे उन्होंने अहिंसा, सत्य और संयम का संदेश देकर पूरी मानवता को मार्ग दिखाया था इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी। उपासिका दीपिका बाफना ने आज पर्युषण पर्व के दूसरे दिन स्वाध्याय दिवस की जानकारी देते हुए कहा कि कैसे हम अपने जीवन में स्वयं के लिए अध्याय करते हुए ज्ञान में वृद्धि कर सके, तथा अपने खुद के अंदर विवेक जागृत करते हुए कर्मों की निर्जरा कर सके। तत्पश्चात उपासिका कविता बाफना द्वारा प्रभावक आचार्य पर विस्तृत जानकारी दी गई इस अवसर पर सकल जैन समाज तथा सभा के पदाधिकारीगण एवं ट्रस्टी गण, युवक परिषद्, महिला मंडल एवं निकटवर्ती क्षेत्र से श्रावक-श्राविकाओ की उपस्थिति रही। कुशल संचालन सभा मंत्री सुरेंद्र मेहर ने किया।