गुरुवाणी/ केन्द्र
60वें राष्ट्रीय अधिवेशन ‘संवर्धनम्’ में सेवा, संस्कार और संगठन का त्रिवेणी संगम
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद का 60वाँ वार्षिक अधिवेशन ‘संवर्धनम्—संगठन का योगक्षेम’ 26 से 28 सितंबर तक जैन विश्व भारती, लाडनूं में आयोजित हुआ। देशभर की 210 शाखा परिषदों से 1000 से अधिक प्रतिनिधियों की सहभागिता वाले इस अधिवेशन में संगठनात्मक विकास, सेवा, संस्कार, आध्यात्मिकता एवं युवा शक्ति से जुड़े विविध विषयों पर चिंतन, प्रशिक्षण एवं संवाद हुआ।
प्रथम दिवस –
युवा ऊर्जा, 'विज़न 2030' और 'युवा कनेक्ट'
का महा-आगाज़
अधिवेशन के प्रथम दिवस के द्वितीय सत्र में बहुश्रुत मुनि दिनेशकुमारजी ने ‘युवाशक्ति : संगठन की ऊर्जा— भविष्य की नींव’ विषय पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने युवाओं को स्व-साधना, संघ विकास एवं सार्वजनिक कल्याण के त्रिवेणी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
अभातेयुप के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि योगेशकुमारजी ने ‘अभातेयुप विजन 2030’ विषय पर भावी रूपरेखा एवं संगठनात्मक विस्तार पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने शाखा परिषदों को दीर्घकालीन दृष्टिकोण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। मुनि अर्हमकुमारजी ने युवाओं को निर्मल, गतिशील एवं उपयोगी बनने का संदेश दिया। सत्र का संचालन महामंत्री सौरभ पटावरी ने किया।
'युवा कनेक्ट' एवं डिजिटल क्रांति की घोषणा:
संगठनात्मक सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत ने अभातेयुप के नवीन कार्यक्रम ‘युवा कनेक्ट’ की जानकारी देते हुए इसके बैनर का अनावरण किया। उन्होंने प्रत्येक शाखा परिषद को धर्मसंघ के प्रत्येक युवा एवं किशोर साथी तक पहुंचकर उन्हें संगठन से जोड़ने का आह्वान किया।
१. सदस्यता प्रक्रिया : सहमंत्री द्वितीय अंकुर लूनिया ने सदस्यता से संबंधित ऑनलाइन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
२. परिषद पोर्टल : सह संगठन मंत्री विनय लिंगा एवं आईटी विभाग के सह प्रभारी मनीष रांका ने परिषद पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी।
३. संचालन मार्गदर्शिका : महामंत्री सौरभ पटावरी ने परिषद संचालन मार्गदर्शिका के माध्यम से शाखा परिषदों के संचालन से संबंधित आधारभूत एवं महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की एवं सह मंत्री प्रथम पवन नौलखा ने प्रश्नोत्तर के माध्यम से इस जानकारी को और अधिक पुष्ट करने का प्रयास किया।
सत्र का संचालन उपाध्यक्ष द्वितीय अभिनंदन नाहटा ने किया।
सामायिक, गुरु-चरण दर्शन एवं 'तेयुप की बात':
सायंकालीन सत्र में ‘शनिवार सामायिक’ का सामूहिक आयोजन हुआ। रात्रि में सहभागी युवाओं को आचार्य प्रवर एवं युवाचार्य प्रवर के चरण स्पर्श तथा चारित्रात्माओं के दर्शन एवं सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। दिन का समापन ‘तेयुप की बात’ कार्यक्रम से हुआ, जिसमें विभिन्न परिषदों ने अपने विशेष कार्यों एवं उपलब्धियों की संक्षिप्त प्रस्तुतियां दीं। इसी दौरान आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर (ATDC) से संबद्ध सदस्यों की एक समीक्षा बैठक तुलसी ऑडिटोरियम में आयोजित हुई। मुनि योगेशकुमारजी एवं मुनि अक्षयप्रकाशजी के मार्गदर्शन में हुई बैठक में एटीडीसी के संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत, एटीडीसी प्रवृत्ति सलाहकार निर्मल बैंगानी, राष्ट्रीय प्रभारी पीयूष लूनिया एवं जोनल टीम के सदस्यों ने अपने विचार रखे।
द्वितीय दिवस –
'सूर्यवंदनम्', संतों से संवाद और 'सेवा-उपासना' का जीवंत दृश्य:
द्वितीय दिवस का शुभारंभ ‘फिट युवा–हिट युवा’ आयाम के अंतर्गत ‘सूर्यवंदनम्’ कार्यक्रम से हुआ। प्रतिनिधियों ने सूर्य नमस्कार, योग एवं व्यायाम के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया। आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि योगेशकुमारजी, राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत एवं फिट युवा–हिट युवा प्रभारी दीप पुगलिया ने विचार रखे। संचालन आयाम सह प्रभारी मुदित पींचा ने किया।
'संवाद संत से' एवं 24 तीर्थंकरों के नाम से अनूठा समागम :
मुख्य प्रवचन कार्यक्रम के पश्चात मध्याह्न सत्र में ‘संवाद संत से’ अभिनव कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें 24 तीर्थंकरों के नाम से प्रतिनिधियों के 24 समूह बनाए गए। प्रत्येक समूह को संतों का लगभग 30 मिनट का सान्निध्य प्राप्त हुआ, जिसमें प्रतिनिधियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखकर समाधान प्राप्त किया।
इसके पश्चात संतवृंद सुधर्मा सभा के मंच पर एक साथ विराजमान हुए और संक्षिप्त संबोधन प्रदान किया। इस अवसर पर संतों का एक साथ मंच पर विराजमान होना अधिवेशन का विशेष एवं स्मरणीय प्रसंग रहा। मुनिवृंद के सान्निध्य एवं उद्बोधन से प्रतिनिधियों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। सत्र का संचालन मुनि ध्रुवकुमारजी ने किया।
मुनि कुमारश्रमणजी ने ‘संघ के योगक्षेम में युवा शक्ति का योगदान’ विषय पर पाथेय प्रदान किया।
18 बॉक्स के माध्यम से 'सेवा-उपासना' व ऐतिहासिक दृश्यांकन :
द्वितीय दिवस के अगले सत्र में ‘सेवा-उपासना’ का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत ने अभातेयुप की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की संगठन यात्रा के विभिन्न आयामों की वाचिक प्रस्तुति दी।
nयुवा साथियों ने लगभग 18 अलग-अलग बॉक्स के माध्यम से विभिन्न प्रसंगों को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया।
nइसके पश्चात इन दृश्यों को एक वृहद चित्र का रूप देते हुए युवाचार्य मनोनयन के मनोरम प्रसंग को जीवंत किया गया।
nइस माध्यम से आचार्य प्रवर एवं युवाचार्य प्रवर के प्रति सविनय अभ्यर्थना निवेदित की गई। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष द्वितीय अभिनंदन नाहटा का विशेष श्रम नियोजित हुआ।
इसी सत्र में युवाओं को आचार्य प्रवर से प्रत्यक्ष रूप में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर भी मिला।
साधारण सभा, जैन रामायण व सम्मान :
सायंकालीन सत्र में वार्षिक साधारण सभा आयोजित हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संवैधानिक विषयों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। महामंत्री सौरभ पटावरी ने मंत्री प्रतिवेदन का वाचन किया, जबकि कोषाध्यक्ष विकास बोथरा ने आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया।
रात्रिकालीन सत्र में प्रतिनिधियों ने युवाचार्य प्रवर के मुखारविंद से जैन रामायण के वाचन का श्रवण किया। अंतिम सत्र में विभिन्न आयामों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली परिषदों को सम्मानित किया गया।
तृतीय दिवस –
पुरस्कारों का शिखर: विजयनगर (बेंगलुरु) बनी देश की सर्वश्रेष्ठ परिषद!
तृतीय दिवस के प्रातःकालीन सत्र में प्रतिनिधियों ने जैन विश्व भारती परिसर का भ्रमण किया। भ्रमण में सह मंत्री प्रथम पवन नौलखा एवं युवालोक प्रबंधक राजेंद्र खटेड़ का सहयोग प्राप्त हुआ।
मुख्य प्रवचन कार्यक्रम में ‘आचार्य महाश्रमण युवा व्यक्तित्व पुरस्कार’ से सम्मानित संदीप ललवानी को पुरस्कृत किया गया। प्रशस्ति पत्र का वाचन महामंत्री सौरभ पटावरी ने किया।
'संवर्धनम्' राष्ट्रीय सम्मान सूची (2026)
सर्वश्रेष्ठ परिषद : तेयुप विजयनगर, बेंगलुरु
'सेवा' में श्रेष्ठ परिषद : तेयुप चेन्नई एवं तेयुप गांधीनगर-बेंगलुरु
'संस्कार' में श्रेष्ठ परिषद: तेयुप सूरत एवं तेयुप दिल्ली
'संगठन' में श्रेष्ठ परिषद : तेयुप उधना
संपादकीय उपसंहार व भावुक समापन :
समापन सत्र में मुनि योगेशकुमारजी, मुनि नयकुमारजी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत ने विचार व्यक्त किए। अधिवेशन के संयोजक अनंत बागरेचा, सहसंयोजक विकास बोथरा ने अतिथियों, प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं व्यवस्थापकों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
सम्मान एवं समापन सत्र का संचालन संगठन मंत्री रोहित कोठारी ने किया।