विरोधों में भी मानव कल्याण में रहा जीवन : आचार्य तुलसी

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कांकरिया मणिनगर, अहमदाबाद।

विरोधों में भी मानव कल्याण में रहा जीवन : आचार्य तुलसी

शासन श्री साध्वी रामकुमारी जी आदि ठाणा-4 के सान्निध्य में 33 वां विकास महोत्सव का आयोजन तेरापन्थ भवन कांकरिया मणिनगर हुआ। जनसभा को संबोधित करते हुए साध्वी आत्मा प्रभा जी ने कहा – विकास महोत्सव आचार्य श्री तुलसी के कर्तृत्व के साथ जुड़ा हुआ है। उन्होंने अपने शासनकाल में नये नये आयाम खोले, कार्य किए उसी के आधार पर यह विकास महोत्सव मनाया जा रहा है। इसका नामकरण आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के दूरदर्शी चिंतन का परिणाम है। इसके माध्यम से संघ में नया विकास होता रहें। विकास का अर्थ है आगे बढ़ना प्रगति करना।वि- विवेक पूर्ण कार्य करें।कार्यशीलता निरन्तर बनी रहें। प्रत्येक परिस्थिति में समता बनाए रखना। गुरुदेवश्री तुलसी का जीवन निरन्तर प्रगतिशील रहा। जीवन के अंत तक कार्य में लगे रहें। स्वागत सम्मान बहुत मिला तो विरोध भी बहुत हुआ।कार्यकर्ता को कार्य करने की प्रेरणा के साथ नया चिंतन का बोध देते। अलग-अलग माध्यमों से साधु साध्वी के जीवन का विकास किया।संघ का विकास किया। आचार्यश्री तुलसी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मानवता के कल्याण में व्यतीत किया। आचार्यश्री तुलसी का जीवन विकास का जीवन था। उन्होंने जागते हुए सपने देखें और उन्हें पूरा किया। समग्र जैन धर्म और मानवता के विकास के लिए कार्य करते थे। आचार्य तुलसी क्रांतिकारी विचारकथे। उनके चिंतन में विकास ही परिलक्षित होता था। विरोधों की परवाह न करते हुए अपनी शक्ति को सकारात्मक कार्यों में लगाए रखा।उनका कहना था कि व्यक्ति चाहे जिस धर्म को माने परन्तु सबसे पहले नैतिक मूल्यों को जीवन में अवश्य अपनाएं। नारी जाति के उत्थान के लिए सतत जागरुकता से प्रयास किया जिसका परिणाम आज देख रहे हैं कि धर्मसंघ का महिला समाज देश के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाकर अनेक मुकाम हासिल किए हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ कांकरिया समाज के गायक नौरतन गांधी के मंगलाचरण से हुआ। साध्वी सुविधि प्रभा जी एवं साध्वी अवंतिप्रभा जी ने भी गुरुदेव तुलसी के प्रति श्रद्धा की भावना प्रस्तुत किमसंघगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।