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पवित्रता के पर्याय थे आचार्य कालुगणी
तेरापंथ भवन में आचार्यश्री कालुगणी का पट्टोत्सव विशेष ढंग से मनाया गया। आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वी निर्वाणश्रीजी के सान्निध्य में 78 दिनों में परिसंपन्न होनेवाले 'श्रेणी तप' का अभिनंदन तपोउपहार के रूप में रहा। उपस्थित श्रावकों को संबोधित करते हुए साध्वी निर्वाणश्रीजी ने कहा - आज का यह दिन तेरापंथ धर्मसंघ के लिए विशेष है। साध्वीश्री योगक्षेमप्रभाजी ने दोनों प्रसंगों के संदर्भ में अपने सारगर्भित वक्तव्य में कहा - आज का दिन पवित्रता के पर्याय श्रीमद् कालुगणी को समर्पित है। आज के दिन अष्टम अनुशास्ता आचार्य श्री कालू ने तेरापंथ धर्मसंघ का पदभार संभाला था। बहन पुष्पा चंडालिया ने श्रेणी तप करके अतुल आत्मबल का परिचय दिया है। भगवती संवत्सरी पर्व पर चेम्बूर में तप, प्रवचन व पौषध का कीर्तिमान बना है। तपस्वी पुष्पा चंडालिया ने साध्वीश्री के प्रति अत्यंत कृतज्ञ भाव से कृतज्ञता ज्ञापित की। परिवार की बहनों ने गीत की अभिव्यक्ति दी। जितेन्द्र चंडालिया ने भी प्रासंगिक अभिव्यक्ति दी। साध्वीवृंद ने समूह गीत की प्रस्तुति दी। सभाध्यक्ष लक्ष्मण कोठारी ने अपने भाव प्रकट किया। मंच संचालन सभा के पूर्व अध्यक्ष रमेश धोका ने कुशलता से किया।