गुरुवाणी/ केन्द्र
’’इंसान पहले इंसान, फिर हिंदू या मुसलमान’’:आचार्यश्री महाश्रमण
भगवान महावीर के प्रतिनिधि, शांतिदूत, जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी की पावन सन्निधि में 'अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह' के अंतर्गत तृतीय दिवस 'साम्प्रदायिक सौहार्द दिवस' का गरिमामय आयोजन हुआ। इसके साथ ही तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (TPF) के तत्वावधान में सुधर्मा सभा भवन में 'सातवीं एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस' भी समायोजित हुई।
सत्य की खोज : विज्ञान और अध्यात्म का अनूठा संगम
१. स्वयं सत्य की खोज का आगमिक संदेश : पूज्यप्रवर ने मुख्य मंगल प्रवचन में आगमों का संदर्भ देते हुए फरमाया कि शास्त्र में कहा गया है—'स्वयं सत्य खोजें'। दूसरों की बात मानना अच्छा हो सकता है, परंतु स्वयं सत्य का साक्षात्कार करना सबसे ऊँची बात है। केवलज्ञान होने पर सब साक्षात हो जाता है, परंतु वर्तमान में मति व श्रुत ज्ञान के सहारे यथार्थ को खोजने का प्रयास करना चाहिए।
२. विज्ञान और अध्यात्म की समानता: पूज्यश्री ने फरमाया कि वैज्ञानिक भी यथार्थ की खोज करता है और धार्मिक जगत में भी यथार्थ का ही सर्वोच्च महत्त्व है। सत्य की खोज के धरातल पर विज्ञान और अध्यात्म एक-दूसरे के सहयोगी और पूरक बन सकते हैं। अध्यात्म जहाँ आत्म-कल्याण की बात करता है, वहीं विज्ञान में व्यावहारिक शोध होता है। सत्य की खोज के लिए मनुष्य का चिंतन आग्रह-हीन होना अनिवार्य है।
साम्प्रदायिक सौहार्द और गाय व रक्त का ऐतिहासिक दृष्टांत–
१. अहिंसा व नैतिकता साझा दूध : पूज्यप्रवर ने फरमाया कि दुनिया में अनेक धर्म और सम्प्रदाय हैं, जिनकी अपनी उपासना पद्धतियाँ हैं। परंतु अणुव्रत के सिद्धांत (ईमानदारी, प्रामाणिकता, अहिंसा) सार्वभौमिक हैं। पूज्यश्री ने अत्यंत प्रेरक दृष्टांत देते हुए फरमाया कि जैसे गाय अनेक रंगों की हो सकती है परंतु उसका दूध हमेशा श्वेत ही होता है, और मनुष्य किसी भी जाति या सम्प्रदाय का हो उसका रक्त लाल ही होता है; ठीक उसी प्रकार अहिंसा और नैतिकता वह साझा दूध है जिससे जैन, सनातनी, मुस्लिम सभी सहमत हैं।
२. पहले इंसान, फिर हिंदू या मुसलमान: आचार्यश्री ने फरमाया कि धर्मगुरुओं का दायित्व है कि वे समाज को ईमानदारी और पारदर्शिता का मार्ग दिखाएँ। किसी का हक या संपत्ति हड़पने का प्रयास न हो। अणुव्रत का मूल संदेश भी यही है कि—'इंसान पहले इंसान, फिर हिंदू या मुसलमान'।
सादा जीवन और उच्च विचार ही मानव जीवन का सच्चा श्रृंगार है। किसी भी ग्रंथ, पंथ या संत
के पास कल्याणकारी बात मिले तो उसका आदर होना चाहिए। TPF एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस व सर्वधर्म सहभागिता:
१. TPF राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस : कार्यक्रम के दौरान तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (TPF) द्वारा आयोजित ७वीं एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस में राजस्थान सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (IAS) कुलदीप रांका, भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की डिप्टी सेक्रेटरी एकता जैन तथा TPF के पुष्प पटावरी ने पूज्यश्री के चरणों में अपने विचार व्यक्त किए।
२. सर्वधर्म प्रतिनिधियों की अभिव्यक्ति : सौहार्द दिवस के अवसर पर लाडनूँ के शहरकाजी मोहम्मद मदनी तथा ब्रह्मकुमारी संस्था की सुप्रभा बहन ने भी पूज्य गुरुदेव के दर्शन कर साम्प्रदायिक सौहार्द पर अपने भावपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।
३. ज्ञानार्थियों की प्रस्तुति : कार्यक्रम में अहमदाबाद और डोंबिवली ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने पूज्यप्रवर के समक्ष भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं।