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विकट परिस्थितियों में चट्टान की भाँति अटल रहे आचार्य भिक्षु
तेरापंथ धर्म संघ के आद्य प्रवर्तक संस्थापक आचार्य भिक्षु का महाप्रयाण दिवस भाद्रपद शुक्ल तेरस गुरुवार को रात्रि में तेरापंथ भवन में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। भजन संध्या 'एक शाम आचार्य भिक्षु के नाम' की शुरुआत 'श्रद्धा विनय समेत नमो अरहंताणं' और समापन 'जय महावीर भगवान...' से हुआ। अंत में लोगस्स पाठ का उच्चारण किया गया। जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के प्रवक्ता जयदेव गोयल ने बताया कि तत्कालीन धर्म व्यवस्थाओं एवं कार्यों में आगम सम्मत मान्यताओं की खुली अवहेलना, शिथिलताओं व कमियों को देखकर आचार्य भिक्षु ने संघर्षों, कष्टों व कठिनाइयों को सहन करते हुए महान धर्म क्रांति की। जन-जन को सही सत्य मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। तेरापंथ धर्म संघ के अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण के नेतृत्व में धर्म संघ गरिमा में गौरवशाली ऊंचाइयों को छू रहा है।