प्राणी मात्र के प्रति संयम रखना ही अहिंसा है

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उत्तर हावड़ा।

प्राणी मात्र के प्रति संयम रखना ही अहिंसा है

युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि जिनेश कुमारजी ठाणा-3 के सान्निध्य में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का दूसरा दिन अहिंसा दिवस के रूप में अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के तत्वावधान में अणुव्रत समिति हावड़ा-कोलकाता द्वारा हर्षोल्लासपूर्वक योगक्षेम विहार के योगक्षेम सभागार में समायोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता वैद्य राधेश्याम श्रीवास्तव थे। सभा को संबोधित करते हुए मुनि जिनेश कुमारजी ने कहा - प्राणी मात्र के प्रति संयम रखना ही अहिंसा है। अहिंसा प्राणी मात्र के लिए कल्याणकारी है। भगवान महावीर अहिंसा के महान प्रयोक्ता थे, उन्होंने अहिंसा का जीवन जीया। महात्मा गांधी अहिंसा और सत्य के पुजारी थे। लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगीमय था। व्यक्ति अहिंसा की शुरुआत स्वयं से करे।
मुख्य वक्ता वैद्य राधेश्याम श्रीवास्तव ने अहिंसा विषय पर विचार व्यक्त किए। अणुविभा सोसायटी के मुख्य न्यासी रतन दुगड़ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत समिति हावड़ा के युवा सदस्यों के मंगलाचरण से हुआ। स्वागत भाषण अणुव्रत समिति हावड़ा के अध्यक्ष दीपक नखत ने दिया। आभार ज्ञापन अणुव्रत समिति कोलकाता के अध्यक्ष नवीन दुगड़ ने किया। कार्यक्रम का संचालन मुनि परमानंद जी ने किया।