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व्रत और ध्यान का दुर्लभ संगम
प्रोफेसर डॉ. साध्वी मंगलप्रज्ञाजी के सान्निध्य में अणुव्रत समिति के तत्वावधान में तेरापंथ भवन, अमृत सभागार में अहिंसा दिवस मनाया गया एवं त्रिदिवसीय प्रेक्षा ध्यान शिविर का शुभारंभ हुआ। प्रोफेसर डॉ. साध्वी मंगलप्रज्ञा जी ने कहा - आज व्रत और ध्यान का शुभ संगम हो रहा है। भगवान महावीर ने सम्पूर्ण मानव जाति को अहिंसा का संदेश दिया। महात्मा गांधी अहिंसा के परम पुजारी रहे हैं। युग पुरुष, युग नायक आचार्य तुलसी और प्रेक्षाप्रणेता आचार्य महाप्रज्ञ ने मानवोत्थान के लिए अणुव्रत और प्रेक्षाध्यान जैसे महान अवदान दिए। साध्वीश्री ने प्रेक्षाध्यान शिविराधियों को उपसंपदा स्वीकार करवाई व प्रेक्षाध्यान के प्रयोग करवाए।
तेरापंथ सभा अध्यक्ष राणमल फोलामेहता ने स्वागत भाषण किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व संचालक सुरंगी लाल सालेचा ने विचार प्रस्तुत किए। मुम्बई से समागत उपासक एवं प्रेक्षाध्यान प्रशिक्षक शांतिलाल कोठारी एवं मीना साबद्रा ने विचाराभिव्यक्ति दी। इस अवसर पर तेरापंथ सभा उपाध्यक्ष ललित जीरावला, मंत्री मोहन लाल बाफना, सहमंत्री राजेश बाफना, जोधपुर शिक्षा विभाग के पूर्व निदेशक पृथ्वीराज दवे, अणुव्रत समिति अध्यक्ष जवेरीलाल सालेचा, उपाध्यक्ष कमल कुहाड़ सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ. साध्वी शौर्यप्रभाजी ने किया।