रचनाएं
सत्य, अहिंसा और स्वाभिमान का अमर संदेश
दांडी यात्रा के प्रणेता ने अंग्रेजों को ललकारा था,
अहिंसा के पुजारी ने आजादी का बिगुल बजाया था!
मानवीय मूल्यों के विचारक ने जन-जन को जगाया था,
2 अक्टूबर को जन्में गांधी का जीवन संयम प्रदान था।।
अहिंसा के पुजारी ने आजादी का...
महान् दार्शनिक ने शांति का पाठ पढ़ाया था,
अंधियारी गलियों में दीप से दीपक जलाया था,
स्वप्नदृष्टा ने तपस्विनी कस्तूरबा का साथ पाया था,
वतन का सारथी! चहुंओर जगत में जगमगाया था।।
अहिंसा के पुजारी ने आजादी का...
स्वदेशी के प्रचारक ने खादी को अपनाया था,
स्वाभिमानी ने स्वच्छ भारत का सोपान सजाया था,
सत्याग्रह के राही ने हिंद माटी का तिलक लगाया था,
जन-मानस का हृदय सम्राट!राष्ट्रपिता बापू कहलाया था।
अहिंसा के पुजारी ने आजादी का...
क्रान्तिकारी महात्मा ने संतता का जीवन जीया था,
सहनशील श्रमवीर ने सहिष्णुता का श्रृंगार किया था,
चरखा चालक ने नवनीत कीर्तिमान स्थापित किया था,
राम का अनुयाई गांधी! अजर अमर बलिदानी था।।
अहिंसा के पुजारी ने आजादी का...
अहिंसा के पुजारी ने आजादी का बिगुल बजाया था!
अहिंसा दिवस पर सादर समर्पित