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संप्रदाय सिर्फ एक है मानव संप्रदाय और इसका धर्म मानवता
अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी निर्देशित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का तृतीय दिवस 'सांप्रदायिक सौहार्द दिवस' आज अणुव्रत समिति गंगाशहर द्वारा बोथरा कन्या महाविद्यालय के प्रांगण में समणी निर्वाण प्रज्ञा एवम चैतन्य प्रज्ञा के सानिध्य में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कार्यक्रम प्रभारी राजेन्द्र बोथरा द्वारा मंगलाचरण से किया गया। इस अवसर पर अच्छी संख्या में अणुव्रत समिति गंगाशहर के कार्यकर्ता, बोथरा गर्ल्स स्कूल, कॉलेज के शिक्षक और विद्यार्थीगण की उपस्थिति रही। स्वागत एवं परिचय वक्तव्य बोथरा गर्ल्स कॉलेज के प्रबंधक शांतिलाल बोथरा ने दिया। अणुव्रत समिति के अध्यक्ष करणी दान रांका ने बताया कि समणी निर्वाण प्रज्ञा ने अपने मंगल पाथेय में कहा कि 'संप्रदाय सिर्फ एक है मानव सम्प्रदाय और इसका धर्म सिर्फ एक है, मानवता। आचार्य तुलसी का यही मिशन था कि सम्पूर्ण राष्ट्र एक हो। इस हेतू ही उन्होंने अणुव्रत का प्रतिपादन किया। मानवता और नैतिकता इसके प्राण हैं। समिति के मंत्री एडवोकेट कन्हैयालाल बोथरा ने बताया कि समणी चेतन्य प्रज्ञा ने कहा कि 'हर संप्रदाय का उद्देश्य मानव को मानव से जोड़ना होना चाहिए। इसी से विश्व को वैमनस्य कि आग से बचा सकते हैं। प्रभारी हेमराज गुलगुलिया ने बताया कि अणुव्रत समिति, गंगाशहर के पदाधिकारी, सदस्य और महिला विंग के द्वारा कॉलेज प्रबंधक प्राचार्य और स्कूल प्रधानाचार्य का पताका पहनाकर और साहित्य भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही कॉलेज प्रबंधक और प्राचार्य ने अणुव्रत समिति को मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया। प्रभारी आशीष गर्ग ने बताया कि 'इस अवसर पर अणुव्रत समिति गंगा शहर के अध्यक्ष करनीदान रांका आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन अणुव्रत समिति गंगाशहर के मंत्री एडवोकेट कन्हैया लाल बोथरा ने किया। आभार ज्ञापन कार्यक्रम प्रभारी आशीष गर्ग ने किया।