व्यसनों के त्याग हेतु जन-जागरण अभियान

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उत्तर हावड़ा ।

व्यसनों के त्याग हेतु जन-जागरण अभियान

अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के तत्वावधान में मुनि जिनेश कुमारजी ठाणा - 3 के सान्निध्य में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के पांचवे दिन नशामुक्ति दिवस का आयोजन अणुव्रत समिति हावड़ा, कोलकाता द्वारा योगक्षेम विहार के योगक्षेम सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि जिनेश कुमारजी ने कहा - नशा पतन की निशानी है। सप्त व्यसन जुआ, मांसाहार, शराब, वेश्या-गमन, शिकार, चोरी और परस्त्रीगमन का त्याग करना चाहिए ये जीवन की बुराइयाँ हैं। इनके सेवन से धर्म का नाश होता है और जीवन पतित होता है। नशे के कारण व्यक्ति बीमारियों को निमंत्रण देता है। कलह, झगड़ा परिवार में आमंत्रित करता है। जीवन में अशांति तनाव को बढ़ावा देता है। आज देश में व्यसन, नशा, ड्रग्स सेवन की स्थितियाँ चिंताजनक बनी हुई हैं। नशे के घातक परिणाम अवसाद, अकर्मण्यता, आलस्य, मतिभ्रम, स्नायविक दुर्बलता, आदि के रूप में सामने आ रहे हैं जिससे व्यक्ति की कार्यक्षमता कमजोर होती है। अणुव्रत के नियम नशामुक्ति की प्रेरणा देता है। अनुव्रत आंदोलन के जरिये लाखों लोग नशामुक्त बने हैं। सभी लोग नशामुक्त रहें और परिचितों को भी नशामुक्त करने का प्रयत्न करें। इस अवसर पर मुनि परमानंदजी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा - नशा व्यक्ति, समाज, राष्ट्र की उन्नति को अवरुद्ध करता है। अणुव्रत के संकल्प के अनुसार दूसरों को नशामुक्त बनायें। कार्यक्रम की शुरुआत अणुव्रत समिति के सदस्यों द्वारा अणुव्रत गीत के संगान से हुआ। स्वागत भाषण अणुव्रत समिति हावड़ा के अध्यक्ष दीपक नखत व आभार अणुव्रत समिति कोलकाता के अध्यक्ष नवीन दुगड़ ने किया। कार्यक्रम का संचालन मुनि परमानंदजी ने किया।