अणुव्रत कोई धर्म नहीं, मानवीय आचार संहिता है

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बालोतरा।

अणुव्रत कोई धर्म नहीं, मानवीय आचार संहिता है

प्रोफेसर डॉ साध्वी मंगलप्रज्ञाजी के सान्निध्य में बालोतरा तेरापंथ भवन में अणुव्रत समिति द्वारा अणुव्रत उद्‌बोधन सप्ताह के तहत 'साम्प्रदायिक सौहार्द दिवस' का आयोजन हुआ। प्रोफेसर डॉ साध्वी मंगलप्रज्ञाजी ने अपने उद्‌बोधन में कहा अणुव्रत कोई धर्म नहीं मानवीय आचार संहिता है। धर्म आत्मा की पवित्रता है जब देश आजाद हुआ, तब आचार्यश्री तुलसी ने ' असली आजादी अपनाओ' का घोष दिया था। अणुव्रत की गूंज गरीबों की झुग्गी झोपड़ियों से लेकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचाई। आचार्यश्री तुलसी और आचार्यश्री महाप्रज्ञ ने कहा धर्म सम्प्रदाय निष्पेक्ष होना चाहिए, पंथ निरपेक्ष होना चाहिए। हमारा विश्वास सह आसन, सह चिन्तन और सह क्रियान्वयन में है। अणुव्रत हिन्दु धर्म नहीं संस्कृति है। साम्प्रदायिक सौहार्द की भावना पुष्ट बने, यह आज की शख्त जरूरत है। सौहार्द पूर्ण वातावरण के लिए सबको दृढ़ संकल्पित होना होगा। साध्वी प्रोफेसर मंगल प्रज्ञा ने कहा- आज परिवार, समाज में प्रेम पवित्रता और सामंजस्य का वातावरण बने, यह अपेक्षित है। चारित्रिक ह्रास को मिटाने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए वैचारिक क्रांति करनी होगी। जरूरत है मुसलमान सच्चा मुसलमान बने, हिन्दु सच्चा हिन्दु बने और जैन सच्चा जैन बने। ऐसा लग रहा है - आदमी का मात्र छाया दिखाई दे रहा है, इंसानियत की रोशनी गुम होती जा रही है। उन्होंने कहा- युगप्रधान अणुव्रत अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण ने नैतिकता, नशामुक्ति और सद्‌भावना की सम्पूर्ण विश्व में अहिंसा यात्रा के दौरान अलख जगाई। हजारों हजारों लोगों ने प्रेरणा पाकर अपने जीवन की दशा और दिशा बदली है। महापुरुष पवित्र राजमार्ग बताते हैं पर उस पर चलने के लिए पौरुष-दीप, संकल्प-दीप हाथों में थामना पड़‌ता है। इस अवसर पर - वर्धमान आदर्श विद्या मंदिर के प्रिंसिपल पूनमचन्द सुधार ने कहा- मानव कल्याण और सद्‌भाव हम सबकी जिम्मेवारी है। मौलवी सैयद ने कहा- अणुव्रतधर्म आचार्य तुलसी द्वारा प्रदत्त एक वरदान है, जो भाईचारा सिखाता है। ब्रह्मा कुमारी उमादीदी ने कहा- नैतिकता की स्थापना और मूल्यों के स्रोत से कनेक्ट होना आवश्यक हैं। उपासक मनोज ओस्तवाल ने मंगल संगान किया। साध्वी सुदर्शन प्रभाजी, साध्वी डॉ राजुलप्रभाजी एवं साध्वी डाँ चैतन्यप्रभाजी ने 'प्राण, प्राण में शांति दीप जल जाए' का सामूहिक संगान किया। अणुव्रत समिति की ओर से आगन्तुक महानुभावों का सम्मान किया गया। अणुव्रत समिति अध्यक्ष जवेरीलाल सालेचा ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अणुव्रत समिति उपाध्यक्ष कमल कुहाड़ ने किया।