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आत्मानुशासन और संस्कारों से ही संभव है वास्तविक सफलता
अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी निर्देशित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का षष्ठम दिवस 'अनुशासन दिवस' आज अणुव्रत समिति द्वारा आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय घड़सीसर रोड के प्रांगण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अणुव्रत समिति के सह मंत्री मनोज छाजेड़ द्वारा मंगलाचरण से किया गया। इस अवसर पर अच्छी संख्या में अणुव्रत समिति के कार्यकर्ता विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थीगण की उपस्थिति रही। अणुव्रत समिति के अध्यक्ष करणी दान रांका ने बताया कि 'मुख्य वक्ता चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली ने अपने वक्तव्य में कहा कि अणुव्रत मानव को अपने अनुशासन पर जोर देता है। जब व्यक्ति स्वयं अनुशासित होगा तभी समाज और राष्ट्र सदृढ़ होगा। आगे उन्होंने कहा कि जो अपने कल को बेहतर करना चाहते हैं वह अनुशासन से योजना बनाते हैं जिसे अपने जीवन में सफल होना है उसे अनुशासित होकर ही कार्य करना पड़ेगा। अनुशासन और संस्कार को साथ लेकर चलना पड़ेगा क्योंकि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है।' अणुव्रत समिति के दिलीप सिरोहियों ने बताया कि शाला के प्रधानाचार्य नवल किशोर सैनी ने अणुव्रत समिति के इस प्रयास को सराहा और कहा कि ऐसे आयोजन से छात्र-छात्राओं को एक नई दिशा एक नया मोटिवेशन मिलता है शिक्षक वह है जो बच्चों में अनुशासन का दीप जलाकर अंधकार रूपी अज्ञान को नष्ट करता है प्राचार्य नवल किशोर सैनी ने मानव को मानव से जोड़ने का आह्वान किया। संचालन अणुव्रत समिति के उपाध्यक्ष मनोज सेठिया ने किया। आभार ज्ञापन अध्यक्ष करणी दान रांका ने किया।