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गौरवशाली 35 वर्षों का सफर पूर्ण, संस्था का नया संकल्प
जैन कार्यवाहिनी का स्थापना दिवस समारोह महासभा भवन स्थित भिक्षु ग्रंथागार में श्रद्धा व उल्लासपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जैन कार्यवाहिनी की भिक्षु भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ। अणुव्रत उद्बोधन दिवस के अवसर पर आयोजित अणुव्रत महासंगान के अंतर्गत अणुव्रत समिति कोलकाता एवं अणुव्रत समिति हावड़ा के अणुव्रत पदाधिकारियों/कार्यकर्ताओं तथा जैन कार्यवाहिनी के कार्यवाहकों ने सामूहिक रूप से अणुव्रत गीत का सुमधुर संगान किया। अणुविभा के राष्ट्रीय संयुक्त न्यासी रतन दुगड़ ने अपना भावपूर्ण वक्तव्य प्रस्तुत किया।
जैन कार्यवाहिनी के संयोजक पंकज दुधोड़िया ने संस्था के वार्षिक प्रतिवेदन का वाचन किया। क्रम को आगे बढ़ाते हुए बहुश्रुत परिषद के संयोजक मुनि उदित कुमार जी ठाणा द्वारा प्रेषित पावन संदेश का वाचन संयोजक नवीन दुगड़ ने किया तथा मुनि जिनेश कुमार जी ठाणा द्वारा प्राप्त संदेश का वाचन संयोजक डालम गिडिया द्वारा किया गया। समारोह में जैन कार्यवाहिनी के समन्वयक महेन्द्र दुधोड़िया ने संस्था के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया। इसके उपरांत प्रचार-प्रसार संयोजक बसंत पटावरी ने जागरूक कार्यवाहकों की जानकारी दी। यात्रा संयोजक रंजीत सेठिया ने डायरी लेखन करने वाले कार्यवाहकों का विवरण रखा। संयोजक राजकुमार भादानी ने तपस्या करने वाले कार्यवाहकों की जानकारी साझा की तथा जय सिंह बैद ने भिक्षु भजन मंडली के कार्यवाहकों के नामों की जानकारी सदन के समक्ष रखी। उल्लेखनीय है कि मंत्री मुनि सुमेरमल जी स्वामी ठाणा के पावन सानिध्य में 27 सितम्बर 1991 को मित्र परिषद् भवन में मात्र 13 सदस्यों के साथ जैन कार्यवाहिनी का गठन हुआ था, जो आज अपने 35 वर्ष पूर्ण कर 36वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। संस्था में चुनाव की प्रक्रिया नहीं है; प्रतिवर्ष 4 संयोजकों में से 2 नए संयोजकों की नियुक्ति जैन कार्यवाहिनी के निर्देशक बजरंग जैन द्वारा की जाती है। इसी परंपरा के अंतर्गत जैन कार्यवाहिनी के समन्वयक महेन्द्र दुधोड़िया ने नए दायित्वों की घोषणा की। कार्यक्रम में समन्वयक, 2 निवर्तमान संयोजकों, हाजरी संयोजक, जागरूक कार्यवाहकों, तपस्या करने वाले कार्यवाहकों, डायरी लेखन करने वाले कार्यवाहकों एवं भिक्षु भजन मंडली के सदस्यों को सम्मानित किया गया। मंच का कुशल संचालन हाजरी संयोजक प्रदीप बैद ने किया। विदित रहे कि जैन कार्यवाहिनी कोलकाता के पूर्व सदस्य मुनि विनोद कुमार जी ठाणा के अलावा संस्था के सदस्य परिवारों से अनेक साधु-साध्वी संघ को समर्पित हुए हैं। इनमें अभातेयुप के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि योगेश कुमार जी ठाणा (सुपुत्र: रणजीत चोरडिया), मुनि मुदित कुमार जी ठाणा (सुपुत्र: बालचंद बोथरा), साध्वी मौलिकयशा जी ठाणा (सुपुत्री: महेन्द्र दुधोड़िया / भगिनी: पंकज दुधोड़िया), समणी स्वाति प्रज्ञा जी ठाणा (सुपुत्री: संजय पारख) एवं सुकृतप्रभा जी ठाणा (सुपुत्री: दीपक नखत) संघ सेवा में समर्पित हैं। इसके अतिरिक्त कार्यवाहिनी से लगभग 30 कार्यवाहक उपासक श्रेणी में सेवाएं देने गए हैं तथा कई कार्यवाहक केंद्रीय व स्थानीय संघीय संस्थाओं में सक्रिय दायित्व निभा रहे हैं। यह प्रेस विज्ञप्ति जैन कार्यवाहिनी कोलकाता के नवनियुक्त प्रचार-प्रसार संयोजक वीरेंद्र बोहरा द्वारा जारी की गई।